शुरुआत नयी है !!

गिले शिकवे सब भूलाये 

आज से शुरुआत नयी है ..

दिल को चुभी बातें छोडी 

आज से हर बात नयी है  ..

मुझमें हर दिन जुडती अच्छी आदत 

आज से सोगात नयी है  ..

मेरा मुझमें इंसानियत को ज़िन्दा रखना 

किसी की भी तारीफ का मोहताज नहीं है ..

तुम आओ मेरी महफ़िल में जशन मनाने 

तुम आओ मेरे दुख में ग़मगीन होने ..

अब मेरे सर पर भार नहीं है ..

जिन सपनों से कोरे कागज को भरती 

उन सपनों को पूरा करती आस नयी है  ..

अपने मान सम्मान खातिर लड़ती मैं 

और तो मुझे कोई प्यास नहीं है  ..

हर किसी को कहाँ खुश रख सकते हम 

ये बात पुरानी ना नयी है  ..

जिस नए रांगमंच की मैं खिलाडी 

वहां तो चेहरे नए हर किरदार नयी है  ..

बड़े हलके मन् से समेट रही खुद को 

यूँ समझो आज से मेरी पहचान नयी है  ..

मुझमें हर दिन जुडती अच्छी आदत 

आज से सोगात नयी है  ..

गिले शिकवे सब भूलाये 

आज से शुरुआत नयी है ..

आज से शुरुआत नयी है ..!! 

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एक  नन्हा  फरिश्ता 

एक नन्हा सा फरिश्ता 

कैसे ज़िन्दगी बदल देता है..!

छोटे – छोटे कदमों  से 

घर में रोनक सी भर देता है..

मासूम सी उसकी हसीं की फूहार 

ज़िसपर माँ लूटाती ढेर सारा प्यार..

ज़रा सा नाक मुंह सिंकोड़े 

थोडी शैतानी भी कर लेता है..

एक नन्हा सा फरिश्ता 

कैसे ज़िन्दगी बदल देता है..!!

नजर उतारने को माँ जब 

माथे पर काला टीका लगाती है..

नन्हे फरिश्ते की मासूमियत 

और भी उभर कर आती  है..

एक माहौल सा बन जाता है

जब  नटखट “सानिध्य” हठेलियां करता है..

छोटी छोटी आँखों  में शरारतपन 

उसको खूब जचता है..

पापा के गीत सुनकर 

नटखट का हो जाता रोना बंद ..

उस बाबू को कान पकडकर  

सोरी कहना बडा पसंद ..

जैसे कोई बेजान तस्वीर में 

इतने रंग से भरता है ..

ऐसे नन्हा फरिश्ता  

ज़िन्दगी में रंग भर  देता है..

एक नन्हा फरिश्ता 

इस तरह ज़िन्दगी बदल देता है..!!!

मेहनत के बल पर 

जैसे सपने आकार लेते हैं 

बच्चे वो फरिश्ते  हैं 

जो सब से प्यार लेते हैं …..😊😊!!

मेरे शब्द !!

आप ही की कहानियों  से सूझते हैं शब्द ,

आप ही के हर मुद्दे से बनते हैं शब्द !

कभी किस्सा खुद का होता है ,

कभी होता है किसी और का ..

सच मानो सच्चाई  ढूँढ़ते हैं शब्द  !!

कभी रोजमर्रा की दिन रात ब्यान करते ,

कभी शब्दों में ढल आप सब से  सवाल करते ..

यूँ ही बस आस पास से मिलते  हैं शब्द !!!

जिन शब्दों को पिरोती मैं “कविता ” में ,

आप सब का ही साथ ढूढ़ते मेरे वो शब्द …

आप सब के साथ से बने मेरे शब्द ,

आप सब का ही साथ  ढूढ़ते मेरे वो शब्द …!!!!

एक गुजारिश मेरे मालिक !

​खौफ़  इतना हो मालिक का ,
कि किसी का दिल दुखाने की बात मन् में ना आये ..
अच्छे कर्मों से बढ़े तू ज़िन्दगी की राह पर,
किसी से होड़ में ना तू कभी लग जाये ..
ये सफर ही ऐसा है शुरू से अंत का,
ज़िसे तू प्रार्थना में तह करता जाये..
अंतिम वक़्त साथ कुछ जाता नहीं,
ये सत्य सबको पता है
फिर क्यू रिश्तों में नफरत पनपनाये ..
सादगी सिर्फ तेरे जीने में ही नहीं ,
तेरी सोच में भी सादगी नजर आये ..
हे  मालिक ! गुजारिश  तुझसे  मेरी ,
ये ज़िन्दगी मेरी तेरा नाम लेकर कट जाये..

एक पोटली ख्वाहिशों  की 

​ख्वाहिशों  की  पोटली  में कुछ ख्वाहिशें  अजीब सी 

कुछ सहमे हुई और कुछ दिल के करीब भी …

कुछ  इस तरह सिलसिला है  ख्वाहिशों  का 

ना पीछे मुड़ने का वक़्त ना आगे जाने का रास्ता …

पर  ये ख्वाहिशें  हैँ कि ज़िद पे  अडी हैं 

एक एक  कर के  पोटली से निकलती हैं …

मझधार  नहीं  समझती शायद येँ 

इनको पोटली में  रहना  नहीं बस  इतराना पसंद है…

और बेसब्री भी ऐसी  के पोटली में नहीं 

पोटली से  बाहर आ  के मुस्कुराना  पसंद करती हैं …

बेपरवाह अपनी धुन  में  सवार  ये ख्वाहिशें 

बस  बढ़ते चली जाती हैं …

ज़रा खोलूँ  मैं इस पोटली को

और ये ख्वाहिशें  ऊडनछू हो जायें …

मैं भी चैन की सांस लू 

और  ख्वाहिशें  भी थक के सो जायें ……!

Pic credit : GOOGLE

कमाल कलम का 

बड़ी कमाल की होती है ये कलम 

जो शब्दों को उनके अर्थ देती है…  

जब कलम लिखती है तो लिखती चली जाती है 

जब कलम रुकती है तभी भी कहर ढाती है…

कुछ असर ऐसा भी होता है कलम का 

जो कह के ब्यां ना हो वो कलम लिख देती है…

कुछ जादू यूँ भी है कलम का 

कि टूटे दिल में भी आशा भर  देती है…

तुम देखो किसी भी नजरीये से 

इस कलम के कमाल बड़े हैं… 

अगर कलम ऊत्तर देती है

तो कलम के सवाल भी बड़े हैं…

शुकरगुजार हूँ मैं कलम की 

जो मेरी डायरी को वक़्त देती है

बड़ी कमाल की होती है ये कलम 

जो शब्दों को उनके अर्थ देती है…

बड़ी कमाल की होती है ये कलम 

जो शब्दों को उनके अर्थ देती है…!! 🙂 🙂